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गुरु तेग बहादुर जी की यात्राएं

अमृतसर में मसंदों के बुरे व्यवहार से गुरु तेग बहादुर जी को बहुत निराशा हुई थी। उन्होंने यह महसूस किया कि आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से सिख धर्म को बहुत ख़तरा है। इस लिए गुरु साहिब ने महसूस किया कि केवल एक गुफा में बैठकर नाम का सिमरन करने से सिख धर्म को संरक्षित नहीं कि…

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गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी

सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का नाम केवल सिख धर्म में नहीं, बल्कि पूरे भारत के इतिहास में अपना एक ऊँचा स्थान है। लोग उन्हें हिंद का चादर कहकर श्रद्धांजलि देते है। उनके गुरुकाल के समय का महत्व यह है कि उन्होंने सिख इतिहास की केंद्रीय धारा को भी शक्ति…

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