सिक्किम की संसकृति

सिक्किम की संस्कृति - सिक्किम के ग्रामीण इलाको में घर हैं जो मुख्य रूप कड़े बाँस के ढाँचे पर लचीले बाँस का आवरण डाल कर बनाये होते हैं। सिक्किम राज्य में मुख्य रूप से भोटिया, लेपचा और नेपाली समुदायों के लोग हैं। सिक्किम के नागरिक भारत के सभी प्रमुख हिन्दू त्योहार दीपावली और दशहरा मनाते हैं। सिक्किम में समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है जो हिंदू धर्म की परम्परा और बौद्ध धर्म के लेपचास के साथ मिश्रित होने से बनती है। सिक्किम के अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ज्यादातर लकड़ी के घर बनाये जाते हैं। फुटबॉल एवं क्रिकेट सिक्किम के प्रमुख खेल हैं।

सिक्किम

बौद्ध धर्म के ल्होसार, लूसोंग, सागा दावा, ल्हाबाब ड्युचेन, ड्रुपका टेशी और भूमचू वे त्योहार हैं जो मनाये जाते हैं। सिक्किम के ज्यादातर स्थानों में बौद्ध उत्सव जैसे द्रुकप्रेसी, पांग लुबसोल, सागा दावा, लॉसोंग और दासैन को बड़े व्यापक रूप से मनाया जाता है। इस समय अधिकतर सरकारी कार्यालय एवं पर्यटक केन्द्र हफ़्ते भर के लिये बंद होते हैं। लोसर राज्य का प्रमुख त्योहार है। अन्य त्योहारों में साकेवा ( राय), सोनम लोचर (गुरुंग), बराहिमज़ोग (मागर), आदि शामिल हैं।

माघे संक्रांति, दुर्गापूजा, लक्ष्मीपूजा और चैत्र दसाई/राम नवमी, दसई त्योहार, सोनम लोसूंग, नामसूंग, तेन्दोग हलो रूम फाट (तेन्दोंग पर्वत की पूजा), लोसर, तिब्बती नव वर्ष, जो मध्य दिसंबर में आता है।

सिक्किम में थुक्पा, चाउमीन, थान्तुक, फाख्तु, ग्याथुक और वॉनटन जैसे व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा भाप से पके और सब्जियों से भरे पकौडि़याँ, सूप के साथ परोसा हुआ भैंस या सूअर का माँस भी बहुत लोकप्रिय है। नेपाली रॉक संगीत, तथा पाश्चात्य संगीत पर नेपाली काव्य भी लोगो में काफ़ी लोकप्रिय है। हालाँकि हिन्दी संगीत ने भी लोगों में अपनी एक जगह बनाई है। सिक्किम राज्य में बीयर, विस्की, रम और ब्रांडी का सेवन भी किया जाता है।

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